Free Hindi Book Mohan Rakesh Ki Sampoorn Kahaniyan In Pdf Download
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पुस्तक का संक्षिप्त विवरण:
सन् 1947 से 1969 के बीच मेरी लिखी छियालिस कहानियों का प्रकाशन चार जिल्दो मे हुआ था। विचार था कि इस तरह प्रायः सभी कहानियां एक जगह उपलब्ध हो सकेंगी। परन्तु चारों जिल्दों के अलग-अलग समय पर प्रकाशित होने के कारण बाद की जिल्दों तक पहले की जिल्दों के सस्करण लगभग समाप्त हो गए जिससे उन्हें एक साथ एक सेट के रूप में प्रस्तुत करने का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। क्योकि पहले से प्रकाशित अलग-अलग सग्रह भी अब उपलब्ध नहीं थे, इसलिए बहुत-से पाठको के पत्र आने लगे कि अमुक-अमुक कहानियों की तलाश उन्हें कहा से करनी चाहिए। मुझे प्रसन्नता है कि पूरी कहानियो को एक-साथ प्रकाशित करने की वर्तमान योजना से इस जिज्ञासा का समाधान हो जाएगा। जो पाठक विशेष रूप से मेरे पहले कहानी संग्रह 'इंसान के खंडहर' की कहानियां पढ़ना चाहते रहे हैं, उन्हें भी अन्यत्र कहीं उन कहानियों को नही खोजना होगा। वे सब कहानियां भी (कुछ सम्पादित रूप में) इनमें सम्मिलित कर दी गई हैं। इनके अतिरिक्त इघर की लिखी 'क्वार्टर' तक की कहानियां भी। आरम्भिक रूप से कौन कहानी किस संग्रह में प्रकाशित हुई थी, इसका ब्यौरा एक तालिका मे दे दिया गया है।
'नये बादल' तथा 'एक और जिंदगी' शीर्षक संग्रहों की भूमिकाए अपने समय-संदर्भ में इस विकसित होती विधा के साथ मेरे सम्बन्ध को रेखांकित करती थी। परन्तु आज के संदर्भ में जबकि कहानी-नयी कहानी की चर्चा पत्र-पत्रिकाओं के स्तम्भो से आगे कई एक पुस्तको का विषय बन चुकी है, उन भूमिकाओ की वह प्रासगिकता नही रही। इसका एक अर्थ यह भी है कि एक लेखक का वास्तविक कथ्य उसकी रचना है, वास्तविक प्रासंगिकता भी उसके इसो कथ्य की होती है। शेष सब यात्रा का गुबार है जो धीरे-धीरे बैठ जाता है। इसके अतिरिक्त इस विधा की सम्भावनाओ तथा इसके साथ अपनी आज की प्रयोगशीलता के सम्बन्ध को लेकर कई-एक प्रश्न मन में हैं जो मेरे आज के लेखन को निर्धारित कर रहे हैं। परन्तु वे एक व्यक्ति-लेखक द्वारा अपने ही लिए अपने सामने रखे गए प्रश्न हैं जिन्हे सामान्य प्रश्नों के रूप मे प्रस्तावित करने का मुझे कोई आग्रह नहीं है।
अपनी कथा-यात्रा का संक्षिप्त विवरण मैंने 'मेरी प्रिय कहानियां' शीपंक संकलन की भूमिका में दिया है जिसे वहां से देखा जा सकता है।
Details of Book :-
Particulars | Details (Size, Writer, Dialect, Pages) |
|---|---|
| Name of Book: | मोहन राकेश की संपूर्ण कहानियां | Mohan Rakesh Ki Sampoorn Kahaniyan |
| Author: | Mohan Rakesh |
| Total pages: | 494 |
| Language: | हिंदी | Hindi |
| Size: | 12.7 ~ MB |
| Download Status: | Available |
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