Free Hindi Book Yoga Ki Vaisik Drishti In Pdf Download
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पुस्तक का संक्षिप्त विवरण:
महामुनि पतंजलि और योगसूत्र
वागर्थाविव संपृक्तौ वागर्थप्रतिपत्तये। जगतः पितरौ वन्दे पार्वतीपरमेश्वरौ ।।
अर्थात् जिस प्रकार रघुवंशम् के इस मंगलाचरण में शब्द और अर्थ के संबंध को पार्वती और शिव के साथ जोड़ा गया है, उसी प्रकार पतंजलि और योगसूत्र का संबंध भी एक-दूसरे के बिना अपूर्ण है। पतंजलि ने योगसूत्र की रचना की और योगसूत्र ने पतंजलि को एक अमर स्थान दिया। इस प्रकार, पतंजलि और योगसूत्र का संबंध भी उतना ही अविभाज्य और गहरा है जितना शब्द और अर्थ का, या पार्वती और शिव का। इसे इस प्रकार समझा जा सकता है-
शब्द और अर्थ का संबंध-
रघुवंशम् में, शब्द और अर्थ को पार्वती और शिव की तरह एक-दूसरे के बिना अपूर्ण बताया गया है। शब्द के बिना अर्थ की प्राप्ति नहीं हो सकती और अर्थ के बिना शब्द का कोई महत्व नहीं होता। दोनों का संबंध अभिन्न और अटूट है।
पतंजलि और योगसूत्र का संबंध-
पतंजलि ने योगसूत्र की रचना की, जो योग के सिद्धांतों और विधियों का संकलन है। पतंजलि के बिना योगसूत्र की कल्पना नहीं की जा सकती और योगसूत्र के बिना पतंजलि का योगदान अपूर्ण है। पतंजलि का योगसूत्र योग के आठ अंगों (अष्टांग योग) का विस्तार से वर्णन करता है। इन सूत्रों में योग की गहनतम अवधारणाएँ और अभ्यास पद्धतियाँ संकलित हैं। पतंजलि और योगसूत्र का संबंध इस प्रकार है जैसे आत्मा और शरीर का।
योग सूत्र की विषय वस्तु-
जैसा विदित ही है कि योगसूत्र योग के विभिन्न बड़े-बड़े सिद्धान्तों और विषयों पर लिखा गया संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण है। जिसमें बिना संशय के योग के बड़े-बड़े दार्शनिक विचारों को बड़े ही सरल, प्रामाणिक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसके विषयों को चार अध्यायों के अन्तर्गत रखा गया है जिन्हें 'पाद की संज्ञा दी है-
1. समाधि पाद
2. साधन पाद
3. विभूति पाद
4. कैवल्य पाद
समाधि पाद में 51, साधन पाद में 55, विभूति पाद में 56 और कैवल्य पाद में 34 सूत्र हैं। कुल मिलाकर सम्पूर्ण योगसूत्र 196 सूत्रों में उपलब्ध होता है। विषय के अनुसार इन्हीं 196 सूत्रों में योग के विभिन्न विषय संक्षिप्त रूप में...........
Details of Book :-
Particulars | Details (Size, Writer, Dialect, Pages) |
|---|---|
| Name of Book: | योग की वैश्विक दृष्टि | Yoga Ki Vaisik Drishti |
| Author: | Global Sanskrit Forum, Delhi |
| Total pages: | 363 |
| Language: | हिंदी | Hindi |
| Size: | 3.08 ~ MB |
| Download Status: | Available |
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