Free Hindi Book Rome Isayat Ke Purb In Pdf Download
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पुस्तक का संक्षिप्त विवरण:
रोम में ईसाइयत से पहले बहुदेववादी धर्म (पैगनिज़्म) प्रमुख था, जिसमें यूनानी-रोमन देवताओं की पूजा होती थी। ईसाइयत पहली शताब्दी CE में यहूदिया प्रांत से शुरू हुई और धीरे-धीरे रोमन साम्राज्य में फैली।
रोम में ईसाइयत से पहले की धार्मिक स्थिति
- मुख्य धर्म: रोमन साम्राज्य में बहुदेववादी धर्म था। देवताओं में ज्यूपिटर, मार्स, वीनस, अपोलो आदि शामिल थे।
- धार्मिक प्रथाएँ:
- मंदिरों में बलि और पूजा।
- सम्राट की पूजा को भी धार्मिक कर्तव्य माना जाता था।
- दार्शनिक प्रभाव: स्टोइक और एपिक्यूरियन दर्शन ने नैतिकता और जीवन दृष्टिकोण को प्रभावित किया।
- धार्मिक सहिष्णुता: रोमन साम्राज्य अन्य धर्मों को सहन करता था, बशर्ते वे राज्य के प्रति निष्ठा दिखाएँ।
ईसाइयत का उद्भव और प्रसार
- उद्भव:
- पहली शताब्दी CE में यहूदिया प्रांत में यीशु मसीह के उपदेशों से।
- यीशु ने प्रेम, क्षमा और ईश्वर के राज्य का संदेश दिया।
- प्रारंभिक अनुयायी:
- यीशु के शिष्यों ने उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद उनके पुनरुत्थान में विश्वास किया।
- यह आंदोलन शुरू में यहूदी धर्म का एक छोटा संप्रदाय था।
- प्रसार:
- प्रेरित पॉल ने रोमन साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में मिशनरी यात्राएँ कीं।
- ग्रीक भाषा और रोमन सड़कों ने संदेश फैलाने में मदद की।
- चुनौतियाँ:
- प्रारंभिक ईसाइयों को रोमन अधिकारियों और यहूदी नेताओं से विरोध और उत्पीड़न झेलना पड़ा।
- कई ईसाई शहीद हुए।
ईसाइयत और रोम का संबंध
- तीसरी शताब्दी तक: ईसाइयत एक अल्पसंख्यक धर्म था, लेकिन तेजी से फैल रहा था।
- चौथी शताब्दी:
- सम्राट कॉनस्टैंटाइन ने 313 CE में मिलान की उद्घोषणा द्वारा ईसाइयों को धार्मिक स्वतंत्रता दी।
- धीरे-धीरे ईसाइयत रोमन साम्राज्य का प्रमुख धर्म बन गई।
- पाँचवीं शताब्दी तक: ईसाइयत साम्राज्य का आधिकारिक धर्म बन गया और पैगनिज़्म लगभग समाप्त हो गया।
सारांश तालिका
| कालखंड | प्रमुख धर्म | ईसाइयत की स्थिति |
|---|---|---|
| ईसाइयत से पहले | बहुदेववादी (ज्यूपिटर, मार्स आदि) | अस्तित्व नहीं |
| पहली शताब्दी CE | पैगनिज़्म | यीशु के अनुयायियों का छोटा समूह |
| दूसरी शताब्दी CE | पैगनिज़्म प्रमुख | ईसाइयत धीरे-धीरे फैल रही |
| तीसरी शताब्दी CE | पैगनिज़्म + ईसाइयत | उत्पीड़न के बावजूद ईसाइयत बढ़ रही |
| चौथी शताब्दी CE | ईसाइयत को मान्यता | कॉनस्टैंटाइन के बाद प्रमुख धर्म |
| पाँचवीं शताब्दी CE | ईसाइयत | साम्राज्य का आधिकारिक धर्म |
इस प्रकार, रोम में ईसाइयत से पहले बहुदेववादी धर्म था, लेकिन यीशु के उपदेशों और उनके अनुयायियों के प्रयासों से यह धीरे-धीरे फैलकर रोमन साम्राज्य का प्रमुख धर्म बन गया।
Details of Book :-
Particulars | Details (Size, Writer, Dialect, Pages) |
|---|---|
| Name of Book: | रोम ईसाइयत के पूर्व | Rome Isayat Ke Purb |
| Author: | Prabin Kumar Jha |
| Total pages: | 171 |
| Language: | हिंदी | Hindi |
| Size: | 31 ~ MB |
| Download Status: | Available |
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